तूने उसको मुझसे छीन कर अच्छा नहीं किया
उसको , मुझको ग़मग़ीन कर अच्छा नहीं किया
इरादा मैंने किया था ज़मीन आसमान एक करने का
तूने अलग ज़मीन से ज़मीन कर अच्छा नहीं किया
मै बोहोत समझाता था उसको, मगर वो नहीं माना
उसने तुझपे यकीन कर अच्छा नहीं किया
अब कोई चेहरा रास नहीं आता के उसको देख लिया है
तूने इस क़दर भी उसको हसीन कर अच्छा नहीं किया
- १३ आदि
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